मंगलवार, 6 जनवरी 2026

अरावली पर्वत

Aravali Hills view for nature and travel blog                         🌍अरावली पर्वत 🌎
अरावली पर्वत भारत की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है। यह पर्वतमाला उत्तर-पश्चिम भारत में फैली हुई है और देश की भौगोलिक संरचना में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भूवैज्ञानिकों के अनुसार अरावली पर्वत लगभग 250 करोड़ वर्ष पुराने हैं, जो इन्हें विश्व की सबसे पुरानी पर्वत प्रणालियों में शामिल करता है।

विस्तार और स्थिति

अरावली पर्वत श्रृंखला का विस्तार गुजरात से शुरू होकर राजस्थान होते हुए हरियाणा और दिल्ली तक लगभग 800 किलोमीटर की लंबाई में फैला है। यह पर्वतमाला राजस्थान को दो भागों में बाँटती है—पूर्वी उपजाऊ क्षेत्र और पश्चिमी शुष्क मरुस्थलीय क्षेत्र।

प्रमुख शिखर
अरावली पर्वत का सर्वोच्च शिखर गुरु शिखर है, जो राजस्थान के माउंट आबू क्षेत्र में स्थित है। इसकी ऊँचाई लगभग 1722 मीटर है। माउंट आबू अरावली पर्वत का एकमात्र हिल स्टेशन भी है।
भौगोलिक और पर्यावरणीय महत्व

अरावली पर्वत थार मरुस्थल के फैलाव को रोकने में सहायक है। यह पश्चिमी भारत की जलवायु को संतुलित करता है और वर्षा के जल को रोककर भूजल स्तर बनाए रखने में मदद करता है। इस पर्वतमाला से कई नदियों का उद्गम होता है, जिनमें लूणी, बनास और साबरमती की सहायक नदियाँ प्रमुख हैं।

ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व

अरावली क्षेत्र ऐतिहासिक दृष्टि से भी अत्यंत समृद्ध रहा है। यहाँ अनेक प्राचीन किले, राजपूत स्थापत्य और धार्मिक स्थल स्थित हैं। कुंभलगढ़, रणथंभौर, अचलगढ़ जैसे प्रसिद्ध किले और दिलवाड़ा जैन मंदिर इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं।

जैव विविधता

अरावली पर्वत क्षेत्र में शुष्क पर्णपाती वन पाए जाते हैं। यहाँ तेंदुआ, सियार, नीलगाय, लोमड़ी तथा अनेक पक्षी प्रजातियाँ निवास करती हैं। यह क्षेत्र वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
अरावली पर्वत की कुछ खास और महत्वपूर्ण जानकारियाँ

दुनिया की सबसे पुरानी पर्वतमालाओं में एक

अरावली पर्वत श्रृंखला की आयु लगभग 250 करोड़ वर्ष मानी जाती है। यह हिमालय से भी कहीं अधिक प्राचीन है। समय के साथ अपरदन (erosion) के कारण इसकी ऊँचाई कम हो गई है।
विश्व की प्राचीनतम चट्टानों में शामिल

अरावली में पाई जाने वाली चट्टानें आर्कियन और प्रोटेरोज़ोइक युग की हैं। यहाँ की चट्टानों में पृथ्वी के प्रारंभिक इतिहास के प्रमाण मिलते हैं।
सभ्यता के विकास में भूमिका

अरावली क्षेत्र में हड़प्पा सभ्यता से भी पहले मानव बसावट के प्रमाण मिले हैं। यह क्षेत्र प्राचीन व्यापार मार्गों का हिस्सा रहा है।

 माउंट आबू – एकमात्र हिल स्टेशन

अरावली पर्वत में स्थित माउंट आबू राजस्थान का एकमात्र पर्वतीय पर्यटन स्थल है। यहाँ की जलवायु शेष राजस्थान से काफी अलग और ठंडी रहती है।
Disclaimer:--
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