सोमवार, 5 सितंबर 2022

फर्स्ट इंप्रेशन इज़ लास्ट इंप्रेशन

                    🌹 इंप्रेशन 🌹

Impression.( इंप्रेशन) =प्रभाव, मुद्रांकन, समझ, संकेत। "पहला अनुभव आखरी छवि निर्मित करता है।"valentine day

=किसी भी व्यक्ति वस्तु को पहली बार देख के जो समझ, अनुभुती, प्रभाव हमारे मन में बनता है वही इंप्रेशन केहलाता है। इसे हम एक बाहरी उपस्थिति भी कह सकते हैं। उदाहरण== इंटरनेट उपयोगकर्ता के लिए मॉनिटर पर एक पॉप अप् या अन्य विज्ञापन online.। 

आज हम आपको first इंप्रेशन is last इंप्रेशन से अवगत कराने की कोशिश में कुछ चर्चा। आप किसी भी अजनबी महिला या पुरुष। से कुछ देर की सामान्य बातचीत के क्रम में अजनबी से काफी हद तक रू ब रु हो सकते हो। उनके विचार गुण अवगुण को जान सकते हो। इतना ही नहीं उनके आई क्यू लेबल का भी अनुमान लगा सकते हो। अजनबी मदद करने की सोच रखता है या नही। स्वार्थी है या दयालु। शोधकर्ता प्रोफ्.. डेनियल सगरोइ के मुताबिक बातचीत में हम ये पता कर लेते हैं की सामने वाला व्यक्ति इंट्रोवर्ट है कि नही।( दैनिक भास्कर ४  sep२२) उसका स्वभाव कैसा है। इस लिए हम ये कह सकते हैं कि first इंप्रेशन is last इंप्रेशन सही है। इंप्रेशन का अर्थ होता है किसी व्यक्ति, चीज या स्थिति के बारे में प्रभाव या छाप जो हमारे मन में रखा जाता है। यह एक अनुभव होता है जो हमारी संवेदनशीलता और मनोवृत्ति से संबंधित होता है। इंप्रेशन एक व्यक्ति या समय के बारे में समझ को व्यक्त करता है और हमारे व्यक्तित्व, मूल्य और भावनाओं को प्रभावित करता है। यह बहुत समय तक याद रहता है और आमतौर पर हमारे व्यवहार या फैसलों पर असर डालता है।interesting video


इंप्रेशन कैसे बनाये

इंप्रेशन कैसे बनाये
  1. इंप्रेशन कैसे बनाये
    एक अच्छी इंप्रेशन बनाने के लिए कुछ अहम तत्व होते हैं। यहाँ कुछ उपयोगी टिप्स हैं जो आपकी मदद करेंगे:
    1. अच्छी तैयारी करें: जब आप किसी सामने जाते हैं, तो अपनी तैयारी का खास ख्याल रखें। शुद्ध और सुसंगत वस्तुएं पहनें और संभवतः संभावित विषयों पर अच्छी तैयारी करें।

    2. अच्छे शब्दों का उपयोग करें: संभाषण में अच्छी शब्दावली का उपयोग करें। सम्मान और सम्मानजनक शब्दों का उपयोग करें। अपने वक्तव्य में अवश्य प्रतिबंधिता और गलत या अपवादपूर्ण शब्दों से बचें।

    3. सुनें और समझें: इंप्रेशन बनाने के लिए समझना अत्यंत आवश्यक होता है। अपनी बात के समझे जाने के बाद ही आप अन्य व्यक्ति की बात सुन सकते हैं और समझ सकते हैं।

    4. आपके शरीर भाषा का उपयोग करें: अच्छे शरीर भाषा का उपयोग करना इंप्रेशन बनाने में मदद कर सकता है। आपकी आंखों, हाथों, उंगलियों और शरीर के अन्य हिस्सों के

    1. सकारात्मक हों: लोग उन लोगों को ज्यादा पसंद करते हैं जो सकारात्मक होते हैं और आसानी से निराश नहीं होते। इसलिए, सकारात्मक भावना के साथ बातचीत करने का प्रयास करें और लोगों के साथ खुशहाली बाँटें।

    2. संभाषण के दौरान स्माइल करें: अपने मुख और आंखों के साथ स्माइल करना आपके चेहरे पर एक सकारात्मक एवं आकर्षक भाव प्रदर्शित करेगा। इससे आपके वक्तव्य अधिक प्रभावशाली लगेंगे और लोग आपको सुंदर और प्रभावशाली मानेंगे।

    3. उचित समय चुनें: संभाषण के लिए सही समय चुनना बहुत जरूरी है। यदि आप व्यस्त या थके-मांदे होंगे तो आपकी संभाषण की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। संभाषण करने से पहले अपने मन को शांत करने और शांतिपूर्ण वातावरण में होने का प्रयास करें।

    4. अपनी संभाषण का अभ्यास करें: आप अपनी संभाषण का अभ्यास कर सकते हैं ताकि आप संभाषण के दौरान आत्मविश्वासपूर्ण और सकारात्मक हो सकें।relationship


    5. Dating Impressions' Impact

      Dating पर इंप्रेशन का प्रभाव
      डेटिंग पर इंप्रेशन बहुत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि आपका पहला इंप्रेशन बताता है कि आप कितने आकर्षक, विश्वसनीय और मजबूत हैं। यदि आप अच्छा इंप्रेशन छोड़ते हैं, तो आपके दोनों के बीच एक अच्छा सम्बन्ध बन सकता है। दूसरी ओर, अगर आपका पहला इंप्रेशन अच्छा नहीं होता है, तो आपके दोनों के बीच सम्बन्ध दूरफ़रेब हो सकता है।

      आप इन तरीकों से डेटिंग पर अच्छा इंप्रेशन छोड़ सकते हैं:

      1. अपने विषयों पर ध्यान केंद्रित करें: आपके दोनों के बीच एक रोमांटिक संवाद का आरंभ करने के लिए अपने विषयों पर ध्यान केंद्रित करें। आपकी बातचीत आकर्षक और रोमांटिक होनी चाहिए।

      2. अपनी तरीकों में सकारात्मक बनें: आपको दूसरों के साथ सकारात्मक और उत्साही होना चाहिए। आप विश्वसनीय और सुसंगत दिखने के लिए सकारात्मक वाणिज्य का उपयोग कर सकते हैं।

      3. आपके वस्तुओं और अपने आचरण से संयंत्रित रहेंl


      4. Relationship में इंप्रेशन

        Relationship मे इंप्रेशन
        Relationship में इंप्रेशन बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इससे आप दूसरे व्यक्ति के साथ अच्छे सम्बन्ध बनाने का मौका प्राप्त करते हैं। यदि आप किसी व्यक्ति को पसंद करते हैं तो उन्हें अपनी खूबियों का पता लगाने का प्रयास करें। अपनी सोच और विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करें और उन्हें आपके बारे में जानने का मौका दें। आपकी बातचीत में दोनों तरफ का सहयोग होना चाहिए, जिससे आप दूसरे व्यक्ति के साथ अच्छे संबंध बना सकें।

        इसके अलावा, आप अपने व्यवहार और आचरण से भी इंप्रेशन छोड़ सकते हैं। एक स्वस्थ रिश्ते में, विश्वास, सम्मान, वफादारी, संवेदनशीलता, और स्नेह जैसी गुणों की जरूरत होती है। इन गुणों को प्रदर्शित करने से आप अपने साथी के दिल में अच्छा इंप्रेशन छोड़ सकते हैं।

        संपूर्ण रूप से कहें तो, एक संबंध को स्थायी बनाने के लिए इंप्रेशन का एक महत्वपूर्ण भूमिका होता है। इसलिए, धीरज रखें                 

      5. प्यार में इंप्रेशन

        प्यार में इंप्रेशन या प्रभाव आमतौर पर उस स्थिति को वर्णित करता है जब एक व्यक्ति दूसरे के प्रति विशेष रूप से आकर्षित होता है और उन्हें प्रभावित करता है। यह आकर्षण दो लोगों के बीच एक भावनात्मक जुड़ाव होता है जो अधिकतर शुरुआती अवस्थाओं में होता है जब दोनों पक्ष एक दूसरे को अभी तक पूरी तरह से नहीं जानते होते हैं।

        प्यार में इंप्रेशन के कुछ सामान्य लक्षण हैं, जैसे कि एक व्यक्ति दूसरे के विचारों, भावनाओं और दृष्टिकोण के प्रति उत्सुकता प्रदर्शित करता है। वह उनसे बातें करना चाहता है, उनसे अधिक समय बिताना चाहता है और उनसे संपर्क में रहना चाहता है। उसे दूसरे व्यक्ति के साथ समय बिताने के लिए उत्साह होता है और वह उनके साथ होने के लिए उत्सुक होता है।

        प्यार में इंप्रेशन आमतौर पर एक अनुभव होता है जो अत्यंत उत्साह और उत्सुकता से भरा होता है


      6. ससुराल में इंप्रेशन

        ससुराल में इंप्रेशन बनाना एक महत्वपूर्ण तत्व है क्योंकि यह आपकी बेटी या बेटे के विवाह के बाद आपकी नई परिवार के सदस्यों से अच्छी तरह संबंध बनाने में मदद करता है। इसके लिए कुछ टिप्स निम्नलिखित हैं:
        1. स्नेहपूर्ण रवैया बनाएं: सबसे अच्छा तरीका अपने ससुराल में इंप्रेशन बनाने का एक स्नेहपूर्ण रवैया बनाना है। आपको अपने ससुराल में नए रिश्तेदारों को संबोधित करना चाहिए और उनसे बातचीत करना शुरू करना चाहिए। आपको उन्हें अपनी तरफ से संभावित समझाना चाहिए कि आप उन्हें परिवार का हिस्सा मानते हो और उन्हें स्वागत करते हो।

        2. उनकी देखभाल करें: ससुराल में आप अपने ससुर और सास की देखभाल करने में मदद कर सकते हैं। आप उनकी सेहत और स्वस्थ रखने के लिए उनकी पसंदीदा चीजों का ध्यान रख सकते हैं और उन्हें उनके लिए समय निकालना दिखा सकते हैं।

        3. खाने के शौकिन हों: आपके ससुराल में खाने के शौकिन होना बहुत महत्वपूर्ण है। 

        4. ससुराल में इंप्रेशन

          ससुराल में इंप्रेशन बनाना एक महत्वपूर्ण तत्व है क्योंकि यह आपकी बेटी या बेटे के विवाह के बाद आपकी नई परिवार के सदस्यों से अच्छी तरह संबंध बनाने में मदद करता है। इसके लिए कुछ टिप्स निम्नलिखित हैं:
          1. स्नेहपूर्ण रवैया बनाएं: सबसे अच्छा तरीका अपने ससुराल में इंप्रेशन बनाने का एक स्नेहपूर्ण रवैया बनाना है। आपको अपने ससुराल में नए रिश्तेदारों को संबोधित करना चाहिए और उनसे बातचीत करना शुरू करना चाहिए। आपको उन्हें अपनी तरफ से संभावित समझाना चाहिए कि आप उन्हें परिवार का हिस्सा मानते हो और उन्हें स्वागत करते हो।

          2. उनकी देखभाल करें: ससुराल में आप अपने ससुर और सास की देखभाल करने में मदद कर सकते हैं। आप उनकी सेहत और स्वस्थ रखने के लिए उनकी पसंदीदा चीजों का ध्यान रख सकते हैं और उन्हें उनके लिए समय निकालना दिखा सकते हैं।

          3. खाने के शौकिन हों: आपके ससुराल में खाने के शौकिन होना बहुत महत्वपूर

          1. सभीभी के साथ मिलजुलकर रहें: ससुराल में इंप्रेशन बनाने का एक और उत्तम तरीका है कि आप सभी के साथ मिलजुलकर रहें। यह आपको अपने ससुराल में अधिक से अधिक लोगों से परिचय कराने में मदद करेगा। आप उनके साथ उनकी दिनचर्या में शामिल होने के लिए उनकी मदद कर सकते हैं, खासकर जब खाने की बात आती है।

          2. व्यवहार और वस्तुओं का सम्मान करें: आपको ससुराल में वह व्यवहार और वस्तुओं का सम्मान करना चाहिए जो उन्हें महत्वपूर्ण होते हैं। आप उनके सामने अच्छे तरीके से व्यवहार करें और उनकी वस्तुओं का सम्मान करें। उन्हें आपके लिए अपनी समझ और सम्मान महसूस होना चाहिए।

          3. सदैव सक्षम रहें: आप ससुराल में इंप्रेशन बनाने के लिए सदैव सक्षम रहने का प्रयास करें। उनकी जरूरतों और चुनौतियों के साथ समझौते करने का प्रयास करें और उनके जीवन में सकारात्मक योगदान करने का प्रयास करें।

          इन सुझावों का अनुसरण करके आप अपने ससुराल में इंप्रेशन बना सकते हैं। Disclaimer-- collected form any digital platforms.& personal thinking, Please only read, forward, & like 

रविवार, 4 सितंबर 2022

जिंदगी और तनाव 🌷😢

 जिंदगी में तनाव बचपन से ही आ जाती है। लेकिन जवानी में हम इसके मजे लेते हैं, क्युकी समझने में देर लगती हैं की सही मे तनाव ही है। नौकरी नहीं लगने पर रोजगार की चिंता रोटी कपड़ा मकान की चिंता। बच्चे की चिंता। वैसे ही जैसे शादी नही होने पर शादी करने की चिंता। जैसे मान लिया की कोई नौजवान लड़का नौकरी जॉइन किया शुरुआत मे मन लगाकर काम करता है मेहनत भी। सिर्फ अपने काम से काम। फिर वही लड़का जिसकी बात माने उसके लिए ठीक जिसकी नही उसे तनाव। वो भी बेवजह। कई जगह तो झूठ फरेब बोलके भी एक दूसरे के खिलाफ भड़काया जाता है। सच्ची बात को भी तोड़ मरोड़ के गलत तरीके से किसी के सामने प्रस्तुत किया जाता हैं। जिनसे शिकायत या चुगली कर रहे होते हैं। उनको इन सब चीजों से कोई खास मतलब नहीं होता इस कारण वो इसपे बिना जांचे सोचे विश्वास करके अपनी प्रतिक्रिया दे देते हैं। किसी के झांसे मे आ जाते है। क्युकी चुगली करने वाले ये बखूबी जानते है कि क्या और कैसे बोले की क्या करे की लोग विश्वास कर ले उसकी बातो पर। लेकिन आप ये भी तो सोचो की जो चुगली कर रहे हैं आखिर उनको दिक्कत क्या हुआ। उसकी मांगे जायज़् है भी की नही। क्युकी ऐसे लोग अपनी कमी छिपा लेते हैं। जैसे बंद कमरे में गूंगे लोग को प्रताड़ित करो और बाहर आके वही गूंगा लोग अपनी दुःख सुनाए तो धुरंधर लोग उसको गूंगे को उल्टा आरोप लगा कर उसके बोली को चुप करवा देते हैं। वो अपना दुःख बया कर रहा हो तो दूसरे लोग उसको गलत अर्थ दिखाने की कोशिश करते हैं। तो सोचो ये कैसा तनाव है। लेकिन खुद पे और ईश्वर पे भरोसा रखो। शेष अगले पार्ट 3 मे 🙏🌷

गुरुवार, 1 सितंबर 2022

परिवार(family)

आजकल के अlधुनिकीकरणं  युग में  पारिवार छोटा और एकल तक सिमट गया है। छोटा परिवार सुखी परिवार।चलो मान लिया लेकिन पहले तो लगभग परिवार बड़ा संयुक्त होता था पर उस समय भी लोग अच्छी नौकरी प्राप्त करते थे।सुखी पारिवारिक जीवन जीते थे।अमीर होते थे तरक्की भी करते थे।अगर आपस में लगाओ और प्यार हो तो एक कमरे मे 20twenty लोग एक साथ रह लेंगे खुशी खुशी।लेकिन अगर मन नही मिल रहा हो, आपस में कलह, तनाव हो तो एक कमरे मे एक आदमी को भी रहने मे दिक्कत होगी।जैसी दृष्टि वैसी सृष्टि।जिंदगी में सफल होने के लिए, या किसी भी तरह से प्रगति करने के लिए दृष्टिकोण सही, कर्म सही होना चाहिए।हम मंदिर जाते हैं पूजा करने और घर के देवता को नज़रंदाज़ करते हैं।धरती पर ईश्वर का रूप है माँ और पिता।एक दूसरे से आगे निकलने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं कुछ भी कर सकते हैं।valentine special पारिवारिक कलह का मुख्य कारण १ आपसी असहमति, प्रेम का अभाव १. विचारों का तालमेल नही होना ३. पितृ दोष ४ बड़े बूढ़े का सम्मान नही करना ४ संस्कारों का अभाव ५. स्वार्थ सिद्धि, लोभ लालच, ६. परदर्षिता का अभाव। संसार में हर कोई श्रेष्ठ होना चाहते हैं लेकिन ये खुद नही बोला जाता। अपनी श्रेष्ठता दुसरो पर प्रदर्शन करना नुक्सानदेह हो सकता हैं। मनुष्य योनि में ही स्वतंत्र रूप से कर्म किये जा सकते हैं परंतु फल पे अधिकार नहीं। घरों में झगड़ो का बाहरी कारण बड़े बूढ़े का अपमान, स्वार्थ, लोभ इर्ष्या है। जहाँ ऐसे लोग रहते होंगे जो अपने भाई पड़ोसी या रिश्तेदारों की उन्नति से जलते हो तो वहाँ आशांति होगी ही। अधिकांशतः पारिवारिक कलह से उत्पन्न कष्ट, दुःख, निराशा, जो अनुभव होता है उसका कारण भागवत विमुखता होता है। या हमारे खराब कर्म क्युकी कर्म मानव से छिपता हैं ईश्वर से नही। बाकी किरदार तो मात्र किरदार है।  संतोषम परम सुखम।मात्र कठपुतली। वही पे उसी घर में खुश, सुखी, हँसी शांति का भी मूल कारण आपके कर्म ही है। और भाग्य कर्म पे निर्धारित होता है। स्वार्थ वश, प्रेम वश, लोभ वश कभी भी गलत मानसिकता वाले लोग का साथ नही दे क्युकी कर्म किसी को नही छोड़ता और कभी नहीं छोड़ता। पूजा करो दान करो क्युकी ईश्वर खुश होगा कैसे उसके बंदे के आत्मा को तुम क्लेश पहुचाते हो। कर्म से डरो। परिवार को समझो। स्वार्थ लोभ लालच इर्ष्या का त्याग करो। ना अपना देंगे ना दूसरे का लेंगे। आपस में मिलजुलकर रहे। झगडा हमेशा विनाश की ओर ले जाती हैं। जब गुस्सा आये तो एक दो दिन रुके सोचे समझे। गुस्सा मे किया कार्य तबाही ही लाती हैं। और जब आप किसी को नुकसान दोगे तो आपको भी तैयार रहना चाहिए। इस लिए अभिभावक का सम्मान करे हमेशा।आपकी सफलता आपके मेहनत, कर्म, संस्कार और कुछ पूर्व जन्म की कमाई पर निर्भर है। जैसे फूल को खिलने से सूरज को उदय होने से कोई नहीं रोक सकता। वैसे ही आपको भी सफल होने, अमीर बनने से कोई नहीं रोक सकता। बस तु कर्म सही करता चल और ईश्वर पे विश्वास रख। 
परिवार एक समूह होता है जो एक साथ रहता है और एक दूसरे के साथ अपने जीवन का सारा समय बिताता है। परिवार में आमतौर पर एक या एक से अधिक बड़े व्यक्ति, उनके बच्चे और उनके वंशज शामिल होते हैं। परिवार समाज का एक महत्वपूर्ण इकाई है जो लोगों को सहयोग, समरसता और स्नेह का महसूस कराती है। परिवार में हर सदस्य अपने कर्तव्यों और ज़िम्मेदारियों का पालन करता है और एक दूसरे की मदद और समर्थन के लिए तैयार रहता है।भारतीय संस्कृति में परिवार को बहुत महत्व दिया जाता है और इसके संबंध में कई महापुरुषों ने अपने विचार रखे हैं। नीचे दिए गए कुछ परिभाषाएं हैं जो कुछ महापुरुष द्वारा रचित हैं:relationship

मनुस्मृति: मनुस्मृति भारतीय संस्कृति में एक महत्वपूर्ण धार्मिक ग्रंथ है जिसमें परिवार के संबंधों को विस्तार से वर्णित किया गया है। इस ग्रंथ में पुत्र-पुत्री, पति-पत्नी, बाप-बेटे आदि के संबंधों को बताया गया है।
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पितृपक्ष क्या है

पितृपक्ष क्या है? अवधि, गणना, महत्व और गया जी में पिंडदान का रहस्य🙏👍✍️ हिंदू धर्म में पितृपक्ष अपने पूर्वजों को याद करने, उनके...