मंगलवार, 13 सितंबर 2022

यात्रा शमशान की

१) क से कमाओ(२) ख से खाओ
                शमशान यात्रा अंतिम यात्रा

शुक्र है ईश्वर शमशान में सब का बिस्तर एक जैसा ही है। और कफन का भी ब्रांड नही है। यहाँ अमीर गरीब सब एक समान है🙏

दुनिया में दो ही सत्य है एक जन्म दूसरा मृत्यु। जो जन्म लिया है उसकी मृत्यु भी तय है। खाली हाथ आना और खाली हाथ जाना धन संपत्ति रिश्ते नाते यहाँ तक की ये शरीर भी साथ नही जायेगा। सबकुछ यहाँ ही रह जायेगा। https://queenrajthoughthindi.blogspot.com/2022/09/blog मिट्टी का शरीर मिट्टी में मिल जायेगा। रह जाती हैं सिर्फ कर्म, और यादें और गम ,दुःख के आँसू। जिसकी जितनी जरूरत जितना स्वार्थ उसको उतना दुःख।हाँ कुछ रिश्ते है जो स्वार्थ और लोभ से उपर होता है। बाकी सब मोहमाया है मृगत्रिष्णा है। हमने देखा मृत व्यक्ति को उठाने मे और जीवित व्यक्ति को गिराने मे लोगों की एकजुटता दिखती हैं।well think well behave

शव यात्रा मे लोग अपनी औक़ात के मुताबिक साधन का उपयोग करते हैं। कोई पैदल ही पाँच दस लोग के साथ शमशान यात्रा करते है। तो कोई अपनी व्यक्तिगत गाडी से  भीड़ यात्रा पुरा करता है। अमीरी गरीबी सब घाट पर जाकर समाप्त हो जाता हैं। ऐसे अर्थी भी सबके लिए बांस और मार्किन् का ही होता है। इसका कोई ब्रांड नही। हाँ थोड़ा सजावट में कम बेस देखा जा सकता हैं। वो भी गंगा किनारे एक समान हो जाता हैं। चिता का स्थान घाट किनारे, जलाने के लिए लकड़ी, गंगा का पानी, और कफन और आग सभी के लिए एक समान क्या अमीर क्या गरीब।  अमीर हो या गरीब जाना बिना कपड़ो के ही है। (नोट- जन्म भी बिना कपड़ो के, सभी को एक समान हाथ पैर, और शरीर)  ईश्वर के नज़र में सब एक समान है। 

यात्रा के दौरान कोई एक व्यक्ति उच्चारित करता है 'श्री राम नाम सत्य है' प्रत्युत्तर में शेष सभी व्यक्ति 'सत्य बोलो मुक्ति है' का उच्चारण करते हैं। इस जप यज्ञ में सबसे महत्वपूर्ण दूसरी पंक्ति (सत्य बोलो मुक्ति है) है जिसे शव यात्रा में शामिल सभी लोग उच्चारित करते हैं। संदेश यह है कि जीवन में सत्य बोलने वाला व्यक्ति ही मुक्ति को प्राप्त करता है और बताने की जरूरत नहीं की यात्रा में उपस्थित शव अपने आप में यह संदेश देता है कि जीवन में अर्जित किया हुआ धन एवं भौतिक संसाधन सब पीछे छूट जाता है। केवल कुछ रिश्ते शरीर के पंचतत्व में शामिल होने तक साथ रहते हैं।लेकिन जब तक जीवित है तब तक जरूरत है रोटी कपड़ा और मकान की। जिसे अर्जित करने का तरीका ऐसा होना चाहिए जिससे किसी को दर्द, दुःख न हो। क्युकी इस धरा पर सारा अर्जित साधन संपत्ति धरा ही रह जायेगा। साथ कुछ नहीं जायेगा। ऐसे भी हिंदी वर्ण माला मे ध्यान दें तो पहले (1) क --से कमाओ साफ सुथरे तरीका से(2) ख -- से खाओ यहाँ खाओ का मतलब खाना कपड़ा पहन लो। उपयोग उपभोग सही तरीका से करो कमाई से अर्जित संसाधन का (3) ग--- से गाओ मतलब पूजा पाठ करो सत्कर्म मे लगो।(4)घ--से घूमो तीर्थ वगैरह( 5) ड.--से डकरो मतलब इतना के बाद खाना हज़म होगा। पचेगा। सेहत फिट हाज़मा बेहतर/
ये मेरा स्वतंत्र विचार है। मात्र उदाहरण अपनी बातो को प्रस्तुत करने के लिए। 🙏

कोई टिप्पणी नहीं:

represented by qrb

अरावली पर्वत

Aravali Hills view for nature and travel blog                          🌍अरावली पर्वत 🌎 हरे-भरे अरावली पहाड़ और प्राकृतिक दृश्य अरावली पर्व...